

一 | मुकेश कुमार श्रीवास्तव, दरभंगा। मतदाता अधिकार यात्रा में राहुल गांधी ने फ्रंट सीट पर सवार होकर अपने समर्थकों और युवाओं में जोश भरने के साथ फ्रंट में रहने का संदेश दिया। दरभंगा के जीवछ घाट से उनकी यात्रा शुरू हुई जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए अतरबेल से मुजफ्फरपुर के सीमा में प्रवेश कर गई।,इस बीच उन्होंने दरभंगा ग्रामीण, दरभंगा नगर, केवटी और जाले विधानसभा क्षेत्र में पड़ने वाली दूरी तय की। जहां उनकी हर जगह फ्रंट सीट सुरक्षित थी। पीछे के सीट पर प्रियंका गांधी, तेजस्वी यादव, दीपांकर भट्टाचार्य, मुकेश सहनी आदि बैठे थे, लेकिन किसी में फ्रंट पर आने की आपाधापी नहीं थी।,पीछे में जो जहां जैसे थे, स्थिर थे। तेजस्वी यादव तो धूप से बचने के लिए कैप और ऊपर मिथिला का गमछा भी डाले हुए थे, लेकिन राहुल फ्रंट पर सवार होकर दूरगामी राजनीति का संदेश दो कदम आगे बढ़कर दे रहे थे। भीड़ में शामिल युवाओं को अपनी ओर जमकर आकर्षित किया।,इशारा पाते ही युवा उनकी गाड़ी की ओर दौड़ पड़ते थे। पास पहुंचने पर सुरक्षाकर्मी भी सहयोग देने के लिए हाथ बढ़ा रहे थे। फिर क्या था, पल भर में युवा अपने को राहुल के पास खड़े नजर आ रहे थे। जहां राहुल गांधी मतदाता के अधिकार के लिए युवाओं से फ्रंट पर आने की नसीहत दे रहे थे। साथ ही चॉकलेट देकर उत्साह भी भर रहे थे।,यात्रा के दौरान राहुल ने अपने उन तमाम कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर दिया जो वर्षों से अपने को राजनीति में पिछलग्गू मान रहे थे। यात्रा में शामिल कई ऐसे वृद्ध, युवा, महिला कार्यकर्ता शामिल थे जो कल तक पार्टी की बैठकों से दूर रहते थे, लेकिन राहुल-प्रियंका के आने से सभी अपने-अपने घर से निकलकर सड़क तक पहुंच गए।,जलवार के मनीष ठाकुर ने बताया कि यह यात्रा अपने को निसहाय मानने वाले कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए अमृत का काम किया है। राहुल गांधी ने फ्रंट से फ्रंट पर आने का जो संदेश दिया है, उसका दूरगामी लाभ मिलने वाला है।,पंचोभ के पवन कुमार झा ने बताया कि सड़क पर पार्टी के झंडा-बैनर थामे कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने यह जता दिया कि अब उन लोगों का समय आ चुका है। दानी के रहमत अली ने बताया कि कल तक हमारे कार्यकर्ता शिथिल बने हुए थे, लेकिन राहुल और प्रियंका ने सभी को जगा दिया है। अब हमारी वोट की कोई चोरी नहीं कर सकता है।,उधर, भीड़ में शामिल कार्यकर्ता और समर्थक राहुल को फ्रंट में देखकर गदगद हो रहे थे। इसे पार्टी के भविष्य के रूप सभी चर्चा कर रहे थे। बिहार में उनकी पार्टी का जनाधार बढ़ा है यह यात्रा ने जता दिया है, यह भाव और आत्मविश्वास हर कार्यकर्ताओं के चेहरे पर नजर आ रहा था।,यह भी पढ़ें- Bihar Politics: बिहार की इस सीट पर महागठबंधन में घमासान, कांग्रेस-राजद में टिकट को लेकर रस्साकशी! यह भी पढ़ें- Bihar Politics: '20 साल तक मुख्यमंत्री रहे, लेकिन अब चुनाव से दो महीने पहले...'; नीतीश पर बरसे PK。 近日,杭州公交创新推出“电子站牌进社区”服务。首块试点站牌,安装在上城区丁兰街道枫景园社区的“乐享幸福里”活动室内。屏幕上滚动显示着途经白马庄街华鹤街口站点的公交线路、到站时间、车牌号及行驶方向等信息。眼下正值三伏天,周边乘客可以在社区活动室吹着空调安心等候,等车快到站了再出门。事虽不大,却挺暖心。电子站牌虽小,却实实在在回应了一个容易被忽视的群体需求。枫景园社区是个典型的重度老龄化社区,常住6000多人,老年人占比达30%。

二 | 手机上的导航软件和公交查询软件,年轻人用着挺顺手,可他们用起来仍然感到吃力。老人们还是更习惯提早去站台等车,因而免不了日晒雨淋。如今电子站牌进社区后,他们不必再掏出手机,也不必提前在站台等车,这种细微处的便利,正是适老化服务该有的样子。今年,杭州公交启动了“公交安心达”行动,除了创新推出“电子站牌进社区”服务,还落地“响应式停靠”“5分钟巴士”“电子路牌发车预告”等许多便民服务举措。说到底,公共交通保障的是人民群众的日常出行需求,其公益属性决定了,它不能轻易落下任何一个群体,数字时代更应如此。往大了说,这也是“投资于人”的体现。长辈出门少受罪,子女平时少操心,城市的人情味才会越来越浓。

三 | 当然,“电子站牌进社区”服务要推广,不能简单照搬试点,而要因地制宜。站牌装上了,也并非一劳永逸,后续信息维护、设备管养都要跟上。这也启示我们,适老服务未必都需要高成本,关键要回应老年人的真实需求。一座城市的治理精度,往往就藏在这些看似不起眼的细节中。

四 | 期待更多这样的“微创新”落地,让公共服务更贴心、更暖心。

五 |
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Published on:07:20:26
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